सी पी रविकुमार
टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स
अक्सर यह सुनने को मिलता है कि हमें "आउट आफ द बॉक्स" सोचना चाहिये। बहुतेक बार हम एक चौखट के अंदर सोचने के आदि हो जाते हैं, और हो सकता है कि उस चौखट में हमारी समस्या का समाधान मिल न पाये। आप के लिए एक समस्या है - अपनी दायीं हाथ में एक गिलास पानी उठाइये। और अब उस हाथ को बिलकुल सीधा रखते हुए पानी को पीजिए। जब इस समस्या को पेश किया जाता है तो लोग काफी सर्कस करने में जुट जाते हैं - कोई गर्दन को झुका कर पानी पीने की कोशिश करता है। कोई पूछता है, "क्या मैं स्ट्रॉ इस्तेमाल कर सकता हूँ?" समस्या का हल काफी सरल है - गिलास को अपनी बाईं हाथ में थमाइये और बाईं हाथ से गिलास को मुंह तक ले जाइये। इस समाधान को ढूंढने के लिए आप को चौखट से बाहर आकर सोचना पड़ा। हम अक्सर एक समस्या के लिए एक समाधान चौखट का निर्माण कर लेते हैं, जिसे सोल्यूशन स्पेस कहा जाता है। बाईं हाथ को इस्तेमाल किया जा सकता है, यह हमारे सोल्यूशन स्पेस के बाहर है।
आखिर यह सब लिखने का क्या कारण है?
इंजीनियरिंग रसोईघर
पिछले हफ्ते (नवंबर २२) मुझे राइस यूनिवर्सिटी में स्थित "आशमान इंजीनियरिंग डिज़ाइन किचन" में जाने का मौका मिला । यह विश्वविद्यालय अमरीका संस्थान के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन नाम के शहर में है। वहाँ मेरे मित्र जिन प्रांज़ एक "प्रोफेसर इन प्रैक्टिस" हैं। इस से पहले वह टेक्सास इस्ट्रूमेंट्स में "प्रिंसिपल फेलो" (तकनीकी सीढ़ी में कंपनी की सबसे बड़ी उपाधि) थे, और निवृत्ति के बाद राइस विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने का काम कर रहे हैं।
बाईं ओर से - जीन फ्रांज़, सी पी रविकुमार, ब्लेक बोर्न, जस्टिन डेली और सेंथिल नटराजन (राईस यूनिवर्सिटी के ओ इ डी के में)
"इंजीनयरिंग डिज़ाइन किचन" मुझे एक अद्भुत प्रयोग लगा । वहाँ मुझे अनेक दिलचस्प व्यक्तियों से मिलने का अवकाश मिला। जीन फ्रांज के साथ इंजीनियरिंग पहली साल के विद्यार्थी ब्लेक बोर्न, जस्टिन डेली और सेंथिल नटराजन एक इंजीनियरिंग परियोजना में भाग ले रहे हैं। उनकी योजना है अंतरिक्ष में जाने वाले लोगों के लिये एक कपडे साफ करने की मशीन तैयार करना। अब अंतरिक्ष में पानी और साबुन से तो कपडे साफ नहीं कर सकते! तो चौखट से बाहर आकर सोचना पडेगा कि कपडे कैसे साफ किये जायें । कपड़ों की सफाई के दो मतलब हो सकते हैं - (१) कपड़ों पर मैल के निशान नज़र न आयें (२) पसीने से कपड़ों में जाने वाले कीटाणुओं का नाश किया जाये। पराबैंगनी या अल्ट्रा वायोलेट किरणों से कीटाणुओं का नाश किया जा सकता है। इसी सिद्धांत पर विद्यार्थियों ने एक मशीन बनाने का साहस किया है।
इंजीनियरिंग डिज़ाइन के अनेक मुखड़े
"सज्जनों! आप के सामने हम पेश करते हैं अंतरिक्ष में कपडे धोने के लिये एक मशीन - जिसे हम डिब्बा कहा कर पुकारते हैं!" ऐसा कहते हुये विद्यार्थियों ने अपनी परियोजना का प्रदर्शन किया। वाशिंग मशीन के लिये जो ड्रम चाहिये, उसके अंदर रोशनी के लिये जो एल ई डी व्यवस्था चाहिये, और मशीन को रखने के लिये जो डिब्बा चाहिये - इन सभी चीज़ों का विद्यार्थियों ने "डिज़ाइन रसोई" में निर्माण किया है। इस "रसोईघर" में मुझे अनेक किस्म की मशीनों के नमूने देखने को मिले - गत्ते और लोहे के पैन काटने के लिये कुछ विद्यार्थी ज़मीन पर बैठे हुए थे। कुछ लोग एक थ्री-डी प्रिंटर को चला रहे थे । कुछ लोग लकड़ी के टुकड़े को काट कर मशीन का कोई पुर्जा बनाने में लगे थे। एक अध्यापक ऐसे भी मिले जिन्होंने उल्लू के रहने के लिये लकड़ी का पिंजरा बनाया है - न केवल एक, बल्कि अनेक डिज़ाइनों में!
किसी रसोईघर में आपने कभी प्रवेश किया है तो आपको पता होगा कि आहार को परिष्कार करने के लिये वहाँ तरह तरह की मशीनें होती हैं - काटने के लिए, पीसने के लिए, तलने के लिये, भूनने के लिये, इत्यादि। जिस प्रकार इन सभी परिष्कारों के बिना एक खाने की वस्तु बन कर तैयार नहीं हो सकती, उसी प्रकार इंजीनियरिंग के विविध शाखाओं से परिचित न हो कर इंजीनियरिंग अपूर्ण ही रह जाती है। एक उत्पाद में मेकानिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, इत्यादि सभी प्रकार के तांत्रिक ज्ञान की आवश्यकता है। सम्पूर्ण उत्पाद व्यवस्था की जानकारी के बिना पढ़ाई अपूर्ण रह जाती है।
कनेक्षनस् - आप भी नाता जोड़ें
राइस यूनिवर्सिटी के फैकल्टी क्लब में जीन फ्रांज़ के साथ सी पी रविकुमार
राइस यूनिवर्सिटी के फैकल्टी क्लब में खाने का मौका मुझे दूसरी बार मिला। इस बार जीन फ्रांज़ ने मेरी खातिर की, जिसके लिये मैं उनका आभारी हूँ। कुछ साल पहले प्रो। सिड्नी ब्यूरस ने मुझे इसी क्लब में खाना खिलाया था जब उन्होंने राइस यूनिवर्सिटी के एक अभूतपूर्व परियोजना के बारे में मुझे जानकारी दी, जिसका नाम है कनेक्षनस्। इस परियोजना के ज़रिये राइस यूनिवर्सिटी ने एक मुक्त व्यवस्था का निर्माण किया है जहां अध्यापक वर्ग एक कोर्स पढ़ाने के लिये जो नोट्स आदि को अन्य लोगों के साथ बाँट सकती है। cnx.org नाम के इस वेब स्थान पर आप जा कर देखेंगे तो आप को आश्चर्य होगा कि हज़ारों संख्या में अध्यापक और लाखों संख्या में विद्यार्थी हर रोज़ विविध विषयों पर पढ़ाई सामग्री को मुक्त रीति से बाँट कर इस्तेमाल कर रहें हैं। ढूंढने पर आपको भी वहाँ ज़रूर कुछ अच्छी पढने की सामाग्री अवश्य मिल सकती है!

